जादूगर और अनाथ बच्चे की भावुक कहानी एक छोटे से कस्बे में एक जादूगर रोज़ शाम को सड़क किनारे अपना शो करता था। लोग उसकी जादुई टोपी से कबूतर, खरगोश और तरह-तरह के खिलौने निकलते देखकर खुश होते, बच्चे तालियाँ बजाते और भीड़ खिलखिलाती थी। एक दिन शो खत्म होने ही वाला था कि अचानक भीड़ में खड़ा एक छोटा-सा बच्चा आगे आया। वह फटे पुराने कपड़े पहने था, पैरों में चप्पल भी नहीं थी, लेकिन आँखों में मासूम चमक थी। उसने जादूगर का हाथ पकड़कर मासूमियत से कहा – “अंकल, आप मेरी माँ को भी अपनी टोपी से निकाल दो ना… बहुत दिन हो गए, मुझे उनकी गोद चाहिए।” See more